
वीरों के जहान में...

Aug 15, 2021
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Updated: Aug 16, 2021
भारत के 75th स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर मैं अपनी कविता के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों का भारत को लेकर जो विचार था उसको दर्शाने जा रही हूँ | तो आओ आज हम सब भारत अर्थात हमारे वीरों के जहान में चलें ।
देशभक्ति की आग में,
स्वतंत्रता की नाँव में,
झोंककर कर बलिदान हम,
चले वीरों के जहान में |
सच्चाई का सहारा लेकर,
अच्छाई का इरादा लेकर,
सपनों को साकार करने,
चले वीरों के जहान में |
उम्मीदों की डोरी कसकर,
परिश्रम की मशाल थामकर,
बैठ चले हौसलों के जहाज़ में,
चले वीरों के जहान में |
डर से डर कर भागना नहीं,
अपनों का साथ छोड़ना नहीं,
सौहार्द का भाव बढ़ाते चलें,
चलें वीरों के जहान में |
मन में उदारता का भाव लेकर,
आत्मा को ज्ञान से प्रकाशित कर,
निर्मल भाव से आलोचना स्वीकार कर,
नई दुनिया का स्वप्न सँवार ने,
चलें वीरों के जहान में |
- रुमिश अली सैफ़




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